ईरान की न्याय व्यवस्था: सवालों के घेरे में कानून और इंसाफ

By :netahub Published on : 09-Jan-2026
ईरान

ईरान में न्याय व्यवस्था लगभग लड़खाने पर आ चुकी है। जनमानस में न्याय व्यवस्था को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट को हटाने तक की मांग की जा रही है। इस स्थिति ने ईरान में राजनैतिक स्थिरता, मानवाधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं के भविष्य को अनिश्चितताओं की तरफ ढ़केल दिया है।

न्याय पालिका को ईरान में राज्य की विचारधारा की संस्था के रूप में माना जाता है। अब यह बहस तीव्र हो उठी है कि न्याय व्यवस्था केवल सत्ता को संरक्षण देने का माध्यम बन चुकी है।

ईरान में न्याय व्यवस्था

ईरान में न्याय प्रणाली इस्लामी कानून आधारित है। औपचारिक रूप से तो न्यायवस्था स्वतंत्र मानी जाती है, लेकिन वास्तव में ऐसा है नही। राज्य की विचारधारा न्याय  व्यवस्था पर हावी रहती है। जैसे कि-

* न्याय पालिका पर राजनैतिक प्रभाव होना। 

* धार्मिक नेतृत्व की भूमिका निर्णयाक रहती है।

* जबाब देही न के बराबर है।

ईरान का सर्वोच्च न्यायालय

ईरान की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट का कार्य न्याय व्यवस्था को कडाई से बनाये रखना होता है। परन्तु आलोचकों का कहना है की निष्पक्षता नाम की कोई चीज नहीं बची है। 

सुप्रीम कोर्ट हटाने की मांग क्यों ?

ईरान की सुप्रीम कोर्ट  को हटाने के सम्बन्ध में निम्न बिन्दु मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। 

1- न्यायिक फैसलों पर विश्वास न होना

सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक फैसले राजनैतिक दबाब से प्रेरित बताये जाते हैं। इसकी वजह से जनता का भरोसा सुप्रीम कोर्ट से हट गया है।

2- मानवाधिकार उल्लंघन

ईरान की न्याय प्रणाली कठोर सजाएँ, विरोध करने पर सजा जैसे आरोप लगते रहे हैं। इससे मानवाधिकार संगम न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाते रहते हैं। 

3- राजनैतिक असहमति एक अपराध

ईरान में शांतिपूर्व प्रोटेस्ट‌ को अकसर कानू‌की अपराध के रूप से माना जाता है। इससे न्याय व्यवस्था संदेह के घेरे में आ जाती है।  

विरोध प्रदर्शन

ईरान में विरोध प्रदर्शन अब आर्थिक समस्याओं, महगाई, बेरोजगारी तक सीमित नही रहे। अब इनमें न्यायिक सुधार, एकाउन्टे विलिटी और सिस्टेमिक चेंज जैसे मुद्दे भी उठाये जाते है। सुप्रीम कोर्ट को हटाने की मांग न्याय व्यवस्था पर भरोसा टूटने का संकेत माना जा रहा है।

सरकार का तर्क

ईरानी सरकार का कहना है कि - 

* न्याय व्यवस्था संविधान के अनरुप है।

* विदेशी ताकते देश को अस्थिर करने के प्रयास में है। 

* विदेशी मीडिया के द्वारा विरोध प्रदर्शन को बढ़ा - चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। 

सरकार का पक्ष है कि सुप्रीमकोर्ट पर सवाल राज्य की सम्प्रमुता पर हमला है।

अंतराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

कई देशों ने ईरान की न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता न होने का आरोप लगाया है। परन्तु ईरान इसे अपना आन्तरिक मामला मानता है।

सुधार सम्भव है क्या?

विशेषज्ञो का मानना है कि ईरान में स्थिरता लानी है तो-

* न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता

* जनता के प्रति जबाब देही

*  सरल कानूनी प्रक्रिया

जैसा मुद्दों पर ईरान सरकार को विचार करना होगा।

निष्कर्ष

ईरान में न्याय व्यवस्था प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर जनता में अपना विश्वास कायम करना होगा अब देखना है कि सरकार इस असंतोष से कैसे निपटती है

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